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Thursday, October 17, 2019

Naughty Mouse- नटखट चूहा

चम्पू चूहा बहुत शरारती था। वह पुरे दिन जंगल में इधर उधर घूमता रहता और हर छोटे छोटे जीवों को परेशान करता रहता था। एक बार उसने कहीं धतूरे का पौधा देखा, जिसमे बड़े बड़े नुकीले फल लगे हुए थे।  उसके मुँह  में पानी आ गया। वो पौधे पर चढ़ कर दो तीन फल तोड़ लाया और अपने नुकीले दांतों से कुतर कुतर कर खा गया। कुछ ही देर में उसके आँखों के सामने आसमान घूमने लगा, धरती नाचने लगी और वो इधर उधर दौड़ने लगा।  धतूरे के फल काफी नशीले होते हैं, जो खाने वाले को बेहोश भी कर देते हैं। अंततः चम्पू थक हार कर सो गया। 

अगले दिन जब वो उठा तो अभी भी वो ठीक से सोच नहीं पा  रहा था कि  क्या किया जाये। अभी भी धतूरे के नशे से  उसका सर चकरा रहा था। तभी उसको एक नयी शरारत सूझी। उसे लगा की वो आज नए तरीके से बड़े बड़े जानवरों को बेवक़ूफ़ बनाएगा।  वो चल पड़ा जंगल की ओर। 

उधर जंगल में बिल्लू हाथी मजे से गन्ने चूस रहा था।  चम्पू ने बिल्लू को देखा और इठलाते हुए उसके पास गया। 
चम्पू बोला - बिल्लू दादा, बिल्लू दादा, आज न मेरी शादी है। 
"तुम्हारी शादी है तो मैं  नाचू " बिल्लू आँखे तरेर कर बोला। 
चम्पू बोला : आप मेरे दोस्त नहीं हो? बताओ। 
"हाँ हूँ न तुम्हारा दोस्त " बिल्लू सर नीचे कर के बोला। 
"तो नाचो" चम्पू बोला। अब बेचारे मोटे बिल्लू हाथी को नाचना पड़ा।  वो नाचते नाचते थक कर चूर हो गया। जैसे ही बिल्लू को नींद आयी, चम्पू वहां से भाग निकला। उसे किसी और को भी बेवक़ूफ़ बनाना था ना। 

चलते चलते रस्ते में उसे मोंटी बाघ मिला, जो अभी अभी एक हिरन का शिकार करके सुस्ता रहा था। चम्पू उसके पास गया और बोला: मोंटी चाचा, मोंटी चाचा, आज न मेरी शादी है। आप उठिये ना। 
"उफ्फ मुझे सोने दे नहीं तो मैं दो थप्पड़ मारूँगा " मोंटी बोला। 
चम्पू फिर दोहराया: उठिये ना, आज मेरी शादी है। 
" तुम्हारी शादी है तो मैं नाचू " मोंटी फिर गुस्से से बोला। 
चम्पू बोला: आप तो मेरे सबसे अच्छे चाचू हो। 
"अच्छा बेटे बोलो क्या करुं , नाचूँ " मोंटी बोला। 
"हाँ नाचो" चम्पू बोला और इस तरह वो मोंटी को भी काफी देर नचाया। जब मोंटी नाचते नाचते सो गया तो चम्पू चुपके से निकल गया।  उसे अभी भी मन नहीं भरा था। अब उसका ध्यान जंगल के राजा शेर पर थी। उसने सोचा क्यों न शेर को मुर्ख बनाया जाये। 

शेरू राजा ने एक छोटी सी दावत दे रखी थी जिसका इंतजाम चल रहा था। चम्पू सीधे शेर के पास पहुंचा और बोला : शेर राजा, शेर राजा, आज न मेरी शादी है। 
शेर मुस्कुराया: अच्छा बढ़िया है , ऐसा करो तुम कुछ खा लो, बड़े मौके पर आये हो। 
चम्पू बोला : वो सब तो ठीक है लेकिन आपको मेरे साथ नाचना पड़ेगा, हाँ। 
"क्यों नहीं, पहले खा तो लो, मैंने बाकी  जानवरों को भी आमंत्रित किया है, वो सब भी आते ही होंगे।  तुम खा कर तैयार रहना नाचने के लिए " शेर बोला। 
चम्पू तो खुशी के मारे कूद कूद कर खा रहा था।  तब तक बाकी जानवर भी आ गए। अब सबके सामने शेर राजा ने चम्पू को बुलाया और पूछना शुरू किया। 

"आज तुम्हारी शादी है " शेर राजा ने बिलकुल कड़क आवाज़ में पूछा। 
चम्पू सकपकाया थोड़ा फिर बोला : हाँ शेर राजा।
" आज तुम्हारी सच में शादी है " शेर ने फिर से कड़क आवाज़ में पूछा। 
चम्पू सोचने लगा की तबतक एक झन्नाटेदार चांटा लगा गालों पर, शेर के हाथों से। 
"मैं तो--तो --ममम--जा--ककककक कर रहा था " चम्पू गाल सहलाते हुए बोला। उसका नशा उतर चुका था। 
फिर एक चांटा दूसरे गाल पर, च्च्च्च ---टटटा ----ककककक। चम्पू की तो बोलती बंद हो चुकी थी। पूरा माहौल शांत था। सारे जानवर डर से चुपचाप देख रहे थे। 

"मेरे प्रिय जंगल वासिओं, आप लोगों को डरने की कोई जरूरत नहीं है, इस चम्पू की शिकायतों से मैं परेशान हो चूका था। ये आये दिन सारे जानवरों, छोटे छोटे जीवों को परेशान करता रहता है। मुझे इसको सबक सीखना अंत्यंत आवश्यक था। अब ये किसी को परेशान नहीं करेगा।  है  ना चम्पू" शेर राजा बोले। 

"जी राजा जी , अब मैं किसी को परेशान नहीं करूँगा। मैं कान पकड़ कर माफ़ी मांगता हूँ। " चम्पू बोला। 

"कान पकड़ने से काम नहीं चलेगा, तुझे अब सबके सामने नाचना पड़ेगा" बिल्लू हाथी बोला। 

" हाँ और इसके पैर में घुंघरू भी बाँध दो, तब मज़ा आएगा " मोंटी बाघ बोला। 

फिर चम्पू ने जम कर नाच दिखाया और उसे देखकर सब जानवर नाचने लगे और खूब मजा किये। 






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